‘यमुना नोतल यमकें हम नोतै छी भाईकें,
जतेटा यमुनाक धार ततेटा हमर भैयाक आयु।
अरुण पाठक
झारखंड -(बोकारो) राखी पावनि जकां भाई-बहिनक प्रेमक प्रतीक पावनि अछि भ्रातिद्वितीया आम
बोल-चालक भाशा मे कही तऽ भरदुतिया। कार्तिक मासक षुक्ल पक्ष द्वितीया के भरदुतिया मनाओल
जाईत अछि। सभ बहिन अपन भायक सुख-समृद्धि आ’ दीर्घ आयुक कामनाक संग ई पावनि मनबैत छथि।
षनिदिन इस्पात नगरी बोकारो आ’ आस-पासक क्षेत्रक मैथिलजनसभ श्रद्धा आ’ उल्लास संग भरदुतिया
पावनि मनओलनि। भरदुतिया लेल बनाओल गेल विषेश प्रकारक अल्पना पर पीढ़ीक आसन राखल गेल।
ओहि पर भायसभ बैसलाह आ’ अपन-अपन बहिनसभ सँ नोत लेलनि। बहिन भायकें तिलक लगओलनि। भायक
आंजुर मे सिन्दुर, पिठार लगाकऽ ओहि पर पानक पात, सुपारी, कुम्हरक फूल,
मुद्रा, अंकुरी,
जल आदि सँ पूजा कयलनि। एहि क्रम मे मंत्र सेहो पढ़लनि-‘यमुना
नोतल यमकें हम नोतै छी भाई कंे। जतेटा यमुनाक धार ततेटा हमर भैयाक आयु।’ नोत लेलाक
बाद भाई अपन बहिन कंे उपहार सेहो देलनि। बहिनसभ भाय के मिश्ठान्न, स्वादिश्ट पकवान आदि खुऔलनि।
.jpg)