सीमा पर सिपाही जे जान अपन देल
तै गुलफाम पर दू टा दीप जरा लेब
तै गुलफाम पर दू टा दीप जरा लेब
चलि गेलाह जे लोकक खातिर दुनियाँसँ
तिनका नाम पर दू टा दीप जरा लेब
तिनका नाम पर दू टा दीप जरा लेब
सभटा कष्ट छी लोकक मूँहे टा लेल
जीहक चाम पर दू टा दीप जरा लेब
जीहक चाम पर दू टा दीप जरा लेब
टटका आइ जे सेहो पुरना जेतै ग'
बुढ़बा भाम पर दू टा दीप जरा लेब
बुढ़बा भाम पर दू टा दीप जरा लेब
हाँ राजीव बनि परने माय पिताजीक
पैरक धाम पर दू टा दीप जरा लेब
पैरक धाम पर दू टा दीप जरा लेब
राजीव रंजन मिश्र जी
